कुछ लहरें नई

थोडा सस्पेंस कम कर या खुदा
या एक खाली स्लेट पर लिख दे  मेरा नाम
कि एक बार फिर से यह सफ़र करू शुरू
बड़ी बिखरी सी है यह ज़िन्दगी
समेटा नहीं जाता और अब
चादर को कब छोड़ पीछे निकल गयी बहुत दूर
अब बाहों के घेरे में सिर्फ खालीपन है और कुछ नहीं
दूर तक जहाँ तक यह नज़रे ले जाती है
माया का एक घेरा है
जो मैंने खुद एक दिन बड़े जतन से किया था तैयार
आज उसी चक्रव्यूह में फसी है साँसे
खुद के पर क़तर बड़े शान से रह रही थी जिन पिंजरों में
आज उन्ही में लगा है घुटने दम
थोडा सस्पेंस कम कर या खुदा
या एक खाली स्लेट पर लिख दे  मेरा नाम
कि धडकनों की आवाज़ फिर सुनाई देने लगी है,इस शोर में भी
शायद पेड़ो की छाँव
गर्मियों में तालाब की ठंडक
सर्दियों में बाहर  आग तापना
बचपन की यादों  से आकर बाहर
इस नए जीवन में भी होना चाहती है शामिल
फिर दिखने लगी है सपनो में तितलियाँ
फिर गुनगुनाने लगी हूँ मैं वही पुराने धुन
हर खाली कागज़ पर जी करता है बनाऊ
एक घर सामने जिसके बहती है एक नदी
एक सड़क और पीछे पहाड़ और उनके
बीच से निकलता एक प्यारा सा जगमगाता सूरज
थोडा सस्पेंस कम कर या खुदा
या खाली स्लेट पर लिख दे मेरा नाम
कि इस बार चुन लू एक नई राह
और उस पर चलू और लिखू  नए पन्ने
कुछ लहरें बुनू अपने नाम की इस बार
इस दुनिया के विशाल सागर में
कि इस बार करू कुछ नई गलतियाँ
और उन पर पछताऊं
शायद करू इस बार सब कुछ अलग
या डालू अपने  पुरानी गीतों में नई जान
थोडा …..
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10 responses

  1. इस बार एक नया रस नज़र आरहा है,कविता में ,क्या बात,बहुत बढ़िया है.

  2. मुझे यह कविता बहुत अच्छी लगी.

  3. Kya Likhu … tarif karne ke liye shabd nahi hai.. bahut hi achhi kavita hai. love u soma

  4. लेखनी जब तक स्वांतःसुखाय के आवरण को धारण किये रहती है , उसका स्वरुप देखते ही बनता है | आपके सृजनात्मकता की मौलिकता ,अस्मिता और जीवंतता, टिप्पणीकारों और समालोचकों की मुहताज नहीं है |
    हरेक रचना आत्माभिव्यक्ति के प्रत्येक क्षण को जीना चाह रही है | आपकी रचनाधर्मिता के प्रति समर्पण का मूल्यांकन किसी भी दृष्टिकोण से करना शायद न्यायोचित नहीं जान पड़ता | आपकी लेखनी निर्बाध गति से बहती रहे ,इसी मंगलकामना के संग

  5. App sabhi ka phir se tahe dil se shukriya ada karna chahti hu….jab aise kabil,suljhe huye kavi v lekhak koi rachna par tippani karte hai to vakai khushi ka thikana nahi rahta…..

  6. beautiful, it moved my heart…..

    you are great at what you do…
    compiling your emotions
    and decorating it with words….

शब्दों की झप्पी

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