छप्पन जी को हराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है

छप्पन जी  का नाम ऐसा
क्योकि करते है वो  छप्पन  भोग
क्या करे भाग में ही
लिखा है उनके राजयोग
बड़ी कोशिश की सरकार ने
पर धन ना हुआ उनका कम
घूस ठूस ठूस कर खाते और
सब कर जाते हजम
लक्ष्मी  जी  भी  उनसे  रहती है
सदैव  प्रसन्न
जहा भी हाथ  लगाते है
वही पर उपजता है  धन
फिर एक दिन वे बोले जाना
है हमें तिहाड़
यह सुन कर मचा ऐसा शोर
जैसे गिरा हो कोई पहाड़
पूछा उनसे हमने
क्यों करते है ऐसा गज़ब
खुद से भी कोई जाता है जेल
आप के तो खेल ही अजब
बोले  छप्पन जी अरे तिहाड़
बन गया है एक बड़ा कोटेज इंडस्ट्री
और क्यों ना हो वहा  बैठी जो  है
लगभग सारी मिनिस्ट्री
हमें वहा मिल जाए एंट्री
तो कमाल हो जाए
अब तक बाहर कमाया
अब थोडा अन्दर भी हो जाए
अब सब तिहाड़ जाने के लिए
मचाये है हड़बड़ी
और छप्पन जी  के पीछे
घूम रहे है हर घड़ी
आपको मिलना हो तो आप भी बताये
        अरे क्या क्यों
जस्ट टू गेट एन  आईडिया सर जी
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शब्दों की झप्पी

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